इस संबंध में एक दोहा भी प्रचलित है
रवि को पान, सोम को दर्पण
मंगल को गुड़ करिए अर्पण
बुधे धनिया, बीफे जीर, शक्र कहे मोहे दही की पीर।
कहैं शनि मैं अदरख पावो, सुख संपति निश्चय घर लावो।
इसका अर्थ है कि यात्रा पर जाने से पहले रविवार को पान खाकर, सोमवार को दर्पण देखकर, मंगलवार को गुड़ का सेवन कर, बुधवार को खड़ा धनिया खाकर,गुरूवार को जीरा खाकर, शुक्रवार को दही खाकर और शनिवार को अदरक का सेवन कर निकलना चाहिए। ऐसा करने से निश्चित ही सुख, संपत्ति और सफलता घर में आती है। इन नियमों का पालन प्रातः घर से निकलने से पहले रोज भी किया जा सकता है। यह हर तरह से शुभ फलदायी होता है।
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